Sunday, May 16, 2010

क्यूं?


क्यूं एक ठहराव सा आ गया है;
क्यूं ज़िंदगी आज थम सी गयी है;
क्यूं जिज़ीविशा खो गयी है;
क्यूं चेतना विलुप्त हो गयी है;

इस 'क्यूं' का उत्तर क्यूं नही मिलता आज ?

2 comments:

  1. Kyunki is "Kyun" ko sochne Ke Liye Koi Bhi Rukta Nahin Aaj..

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  2. बहुत सुंदर और उत्तम भाव लिए हुए.... खूबसूरत रचना......

    Sanjay kumar
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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